भारतीय वायु सेना जोधपुर एयर बेस पर अभ्यास तरंग शक्ति 2026 की करेगी मेजबानी
भारतीय वायु सेना जोधपुर एयर बेस पर आगामी छब्बीस सितंबर से ग्यारह अक्टूबर तक अभ्यास तरंग शक्ति के दूसरे संस्करण की मेजबानी करेगी, जिसमें करीब चालीस देशों की सेनाएं भाग लेंगी।
भारतीय वायु सेना द्वारा देश में बड़े स्तर पर सैन्य अभ्यास का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी समेत करीब चालीस देश हिस्सा लेंगे। यह बहुराष्ट्रीय सैन्य आयोजन जोधपुर एयर बेस पर निर्धारित किया गया है, जो आगामी छब्बीस सितंबर से ग्यारह अक्टूबर तक चलेगा।
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भारतीय वायु सेना और भाग लेने वाली अन्य वैश्विक सेनाओं के बीच आपसी तालमेल, युद्ध समन्वय और साझा रणनीतियों को मजबूत करना है। रक्षा जानकारी के अनुसार, इस दौरान ऑपरेशन सिंदूर से सीखे गए अनुभवों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। आयोजन में लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और विशेष इकाइयों के साथ-साथ तेजस, ध्रुव और प्रचंड जैसे स्वदेशी रक्षा प्लेटफॉर्मों का प्रदर्शन भी किया जाएगा।
प्रशिक्षण सत्रों में डिसिमिलर एयर कॉम्बैट ट्रेनिंग को शामिल किया गया है, जिससे पायलटों को अपरिचित विमानों और नई युद्ध रणनीतियों के खिलाफ अभ्यास करने का अवसर मिलेगा। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी एफ-35 स्टीथ फाइटर की भागीदारी इस अभ्यास का एक प्रमुख आकर्षण होगी, जो पांचवीं पीढ़ी की क्षमताओं, सेंसर फ्यूजन और स्टीथ तकनीक से जुड़ी अहम जानकारियां प्रदान करेगी।
इस बहुराष्ट्रीय अभ्यास की मेजबानी से भारतीय वायु सेना को प्रशिक्षण परिदृश्यों पर बेहतर नियंत्रण प्राप्त होगा और देश के अधिक कर्मियों को अंतरराष्ट्रीय रक्षा अभ्यासों से रूबरू होने का मौका मिलेगा।

