गणेश विसर्जन की तैयारियां पूरी, देशभर के पंडालों में दिखे बप्पा के अनोखे स्वरूप
गणेश उत्सव के समापन पर देशभर में विसर्जन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, जिसमें मुंबई की गिरगांव चौपाटी पर भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है और विभिन्न राज्यों में बप्पा के अनोखे स्वरूप आकर्षण का केंद्र बने हैं।
गणेश उत्सव के समापन के साथ ही देशभर में भगवान गणेश की प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर सभी प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस अवसर पर मुंबई के प्रमुख गिरगांव चौपाटी पर उमड़ने वाली भारी भीड़ और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन और स्थानीय निकायों द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए बड़े पैमाने पर बल तैनात किया गया है ताकि उत्सव का समापन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
अधिकारियों के अनुसार, मुंबई की गिरगांव चौपाटी पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए इक्कीस हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग किया जा रहा है और वृहद मुंबई महानगरपालिका के पच्चीस हजार कर्मचारी भी व्यवस्था संभालने के लिए मुस्तैद किए गए हैं।
इस बीच, महाराष्ट्र और राजस्थान के विभिन्न पंडालों में स्थापित गणपति बप्पा के अनोखे स्वरूप देश भर के श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। अकोला में पैंतीस हजार मोतियों से तैयार की गई एक ईको-फ्रेंडली गणपति प्रतिमा स्थापित की गई है, जो पर्यावरण के अनुकूल होने के कारण खासी सराही जा रही है। वहीं राजस्थान के कोटा में इक्कीस किलो साबुत धनिए से बनाई गई बप्पा की प्रतिमा ने भी लोगों का ध्यान खींचा है। इसके अलावा बल्लारपुर में भगवान रंगनाथ स्वामी के स्वरूप में सजे बप्पा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के तहत अंधेरी के स्वप्न पार्श्व मित्र मंडल को पर्यावरण संरक्षण की थीम पर आधारित आयोजन के लिए सर्वश्रेष्ठ मंडल के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
पारंपरिक आयोजनों के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए विभिन्न मंडलों द्वारा ईको-फ्रेंडली मूर्तियों की स्थापना और पूजन पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे आने वाले दिनों में और अधिक जागरूकता बढ़ने की उम्मीद है।

